Kumar Gupta

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लेखनी कहानी -15-May-2025

पाकिस्तान में आतंकवादियों की मुक्ति के लिए ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया।


तुम एक चुटकी सिंदूर की कीमत क्या जानो,

नफरत के आतंकवादीयो...

तूने कहा मोदी को बोलना


अब मोदी ने कहा है,

पूरे पाकिस्तान में है

सिंदूर का होली खेलना।


सिंदूर


धर्म पूछ कर मारा है,

तू नहीं किसी का ...

नहीं कोई तेरा सहारा है...


बिलावल भुट्टो ने पानी मांगा

औकात से नीचे आया है।


मजहब में तेरी तो,

गंगा है ही नहीं ..

अब कहां तेरा किनारा है ।


सिंधु को अपना बताने वाले,

अरे पापियों तुम्ही थे,

सिन्दुर मिटाने वाले,

सिंधु आज भी हिंद का सितारा है।


नाक रगड़ना उन्ही पत्थरों पे,

जो कभी सिंध में नहाया है,

शायद कोई चिंगारी निकल आए ..

क्योंकि अब जुगनू ही तेरा सहारा है।


तूने जिनकी सुहाग उजाड़ा,

उनकी अस्ति इसी दरिया में

हमने बहाया है ।


कैसे तेरी कौम तक पहुंचे ,

क्योंकि मां गंगा ने,

अपने लाल को बुलाया है ।


गंगा आज भी हमारी मां है,

सिंधु आज भी हमारी सभ्यता है।

यही हमारे हिन्दू सभ्यता ने,

हमें एकता की पाठ पढ़ाया है ।


भाड़ में जा पाकिस्तानियों,

तूने भारत को कभी अपना समझा ही नहीं।

आज से तू हमेशा के लिए पराया है ।


आज हिंदू के बारे में,

चार लाइन में समझता हूं ।

एक हमारे पूरूषोत्म राम थे,

जो सीता के लिए पूरी समंदर सुखाने का 

पर्यत्न कर चुके थे,

फिर भी अपनी मर्यादा नहीं भूले।

और तुम कायर सिंदूर मिटा कर बोलते हो,

पार्वती से अपने शिव को ही भूले।


मोदी जी थोड़ी

आजादी दे दो अपने देश के नारियों को।

कोई दुर्गा तो कोई काली की रूप लेकर

उन पापियों के नर मुंड से,

सिर्फ खून की होली खेले।


नारी जगत जननी है ,

इनकी शक्ति से पूरी पृथ्वी

डम डमा डम डोले ।

देशवासियों

ये सिंदूर की नाम कहां से आई है।

लगता है कोई काली

काल भैरव पे सवार होकर आई है ।

अब तो ऐसा लग रहा है,

पूरी सृष्टि से आतकवादीयो की विदाई है।

जय हिंद जय भारत

 कुमार✍️ गुप्ता✍️

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